संपत्ति और किराया
मकान मालिक, डिपॉज़िट · 10 सवाल
मकान मालिक मेरा सिक्योरिटी डिपॉज़िट वापस नहीं कर रहा। मैं क्या करूँ?
घर खाली करके सौंपने पर मकान मालिक को डिपॉज़िट लौटाना होगा। वह सिर्फ असली बकाया काट सकता है: बचा किराया, बिल, या सामान्य घिसावट से ज़्यादा नुकसान का खर्च, और कटौती का हिसाब देना चाहिए। मना करे तो लीगल नोटिस भेजें, फिर सिविल केस कर सकते हैं।
क्या मकान मालिक मुझे बिना नोटिस के घर से निकाल सकता है?
नहीं। मकान मालिक ज़बरदस्ती नहीं निकाल सकता, ताला नहीं बदल सकता, न आपका सामान बाहर फेंक सकता है। उसे सही लिखित नोटिस देकर किरायेदारी खत्म करनी होगी, और आप न जाएँ तो रेंट कंट्रोलर, रेंट कोर्ट या सिविल कोर्ट से आदेश लेना होगा।
रेंट एग्रीमेंट 11 महीने का क्यों बनता है? क्या इसे रजिस्टर कराना ज़रूरी है?
एक साल से ज़्यादा (या साल-दर-साल) की लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, जिसमें ज़्यादा स्टांप ड्यूटी और फीस लगती है। ज़्यादातर राज्यों में 11 महीने का एग्रीमेंट इससे बच जाता है। फिर भी सही स्टांप ड्यूटी ज़रूरी है, और महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में हर रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर कराना पड़ता है।
मकान मालिक ने मुझे निकालने के लिए बिजली या पानी काट दिया है।
यह गलत है। ज़्यादातर राज्यों के किराया कानून मालिक को बिना ठोस वजह पानी या बिजली जैसी ज़रूरी सप्लाई काटने से मना करते हैं। रेंट कंट्रोलर या राज्य की तय अथॉरिटी से तुरंत सप्लाई चालू कराने का आदेश माँगें। धमकी या ज़बरदस्ती की शिकायत पुलिस से करें।
क्या मकान मालिक कभी भी मेरे किराए के घर में आ सकता है?
नहीं। किराए पर रहते हुए घर आपके कब्ज़े में है। मालिक सिर्फ उचित समय पर, आपकी सहमति या पहले सूचना देकर, जाँच या मरम्मत जैसे कामों के लिए आ सकता है, या असली इमरजेंसी में बिना सूचना। परेशान करने के लिए घुसना आपराधिक अतिचार (क्रिमिनल ट्रेसपास) हो सकता है।
बिल्डर ने मेरे फ्लैट का पज़ेशन देने में देरी कर दी है। मेरे क्या अधिकार हैं?
RERA के तहत आप चुन सकते हैं: प्रोजेक्ट छोड़कर ब्याज सहित पैसा वापस (साथ में मुआवज़ा), या फ्लैट लेना जारी रखें और पज़ेशन मिलने तक देरी के हर महीने का ब्याज लें। अपने राज्य की RERA अथॉरिटी में शिकायत करें; उपभोक्ता आयोग भी एक विकल्प है।
क्या बेटियों का पिता की संपत्ति में बराबर हिस्सा होता है?
हाँ, हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों में। 2005 से बेटी का संयुक्त परिवार (पैतृक) संपत्ति में बेटे जितना ही जन्म से हक है, चाहे वह शादीशुदा हो या नहीं। पिता की खुद कमाई संपत्ति में बराबर हिस्सा तभी मिलता है जब पिता बिना वसीयत के गुज़रें।
अगर कोई बिना वसीयत के गुज़र जाए तो उसकी संपत्ति का क्या होता है?
संपत्ति उस व्यक्ति के पर्सनल लॉ के हिसाब से कानूनी वारिसों को जाती है। हिंदू पुरुष के मामले में पहले 'क्लास I' वारिस, मुख्य रूप से पत्नी, बेटे, बेटियाँ और माँ, बराबर हिस्से पाते हैं। बाकी रिश्तेदारों को तभी मिलता है जब कोई क्लास I वारिस न हो।
ज़मीन या फ्लैट खरीदने से पहले मुझे क्या-क्या जाँचना चाहिए?
पक्का करें कि बेचने वाला सच में मालिक है और बेच सकता है: पुराने मालिकाना कागज़, एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (कोई लोन या केस नहीं), मंज़ूरियाँ, और नए प्रोजेक्ट में RERA रजिस्ट्रेशन। फिर स्टांप ड्यूटी भरकर सेल डीड रजिस्टर कराएँ। सिर्फ रजिस्टर्ड सेल डीड से ही आप मालिक बनते हैं।
किसी ने मेरी ज़मीन या मकान पर गैरकानूनी कब्ज़ा कर लिया है। मैं क्या करूँ?
जल्दी कदम उठाएँ, ताकत नहीं, कानून का सहारा लें। आपराधिक अतिचार की पुलिस शिकायत करें और सिविल कोर्ट जाएँ। कब्ज़े से हटाए गए हैं, तो 6 महीने के अंदर केस करके मालिकाना हक साबित किए बिना कब्ज़ा वापस मिल सकता है; वरना मालिकाना हक के आधार पर केस करें।
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।