बिल्डर ने मेरे फ्लैट का पज़ेशन देने में देरी कर दी है। मेरे क्या अधिकार हैं?
सीधा जवाब
RERA के तहत आप चुन सकते हैं: प्रोजेक्ट छोड़कर ब्याज सहित पैसा वापस (साथ में मुआवज़ा), या फ्लैट लेना जारी रखें और पज़ेशन मिलने तक देरी के हर महीने का ब्याज लें। अपने राज्य की RERA अथॉरिटी में शिकायत करें; उपभोक्ता आयोग भी एक विकल्प है।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
अर्जुन ने 2019 में नोएडा में फ्लैट बुक किया, पज़ेशन 2022 में देने का वादा था। फ्लैट अब भी तैयार नहीं है और उसे अब नहीं चाहिए। वह UP RERA से ब्याज सहित रिफंड माँग सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस रिफंड के हक को बिना शर्त बताया है।
पुणे की मीनाक्षी को अपना फ्लैट अब भी चाहिए। रिफंड की जगह वह पज़ेशन मिलने तक देरी के हर महीने का ब्याज माँग सकती है।
तेनज़िन को 2024 में फ्लैट मिला, पर एक साल में दीवारों में दरारें आ गईं। पज़ेशन के पाँच साल के अंदर बताई गई ढाँचे की खराबी बिल्डर को 30 दिन में मुफ्त ठीक करनी होगी, नहीं तो मुआवज़ा देना होगा।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1एग्रीमेंट फॉर सेल, अलॉटमेंट लेटर, पेमेंट की रसीदें, बैंक स्टेटमेंट और बिल्डर के सारे पत्र या ईमेल इकट्ठा करें।
- 2राज्य की RERA वेबसाइट पर प्रोजेक्ट का RERA रजिस्ट्रेशन नंबर और वादा की गई पूरी होने की तारीख देखें।
- 3बिल्डर को ईमेल या लीगल नोटिस से लिखें कि आपको रिफंड चाहिए या देरी का ब्याज।
- 4राज्य के RERA पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। अलग से मुआवज़े का दावा उसके एडजुडिकेटिंग ऑफिसर के पास जाता है।
- 5या इसकी जगह उपभोक्ता आयोग में केस करें। कौन-सा फोरम सही है, वकील से पूछें, और एक ही दावा दोनों जगह न करें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- कुछ छोटे प्रोजेक्ट RERA रजिस्ट्रेशन से छूट में हैं, और RERA से पहले पूरे हुए पुराने प्रोजेक्ट अलग तरह से देखे जा सकते हैं। तब उपभोक्ता आयोग या सिविल कोर्ट का रास्ता हो सकता है।
- अगर आपने खुद किस्तें देर से दीं, तो बिल्डर आपसे उसी दर से ब्याज ले सकता है जिस दर से उसे देरी का ब्याज देना है।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 — Section 18
बिल्डर तय समय पर पज़ेशन न दे, तो खरीदार प्रोजेक्ट छोड़कर ब्याज व मुआवज़े सहित रिफंड ले सकता है, या रुककर हर महीने देरी का ब्याज।
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 — Sections 14(3), 31, 71
पज़ेशन के पाँच साल में बताई खराबी बिल्डर 30 दिन में मुफ्त ठीक करे; शिकायत अथॉरिटी में, मुआवज़ा एडजुडिकेटिंग ऑफिसर तय करता है।
Newtech Promoters and Developers Pvt. Ltd. v. State of U.P. (2021)
सुप्रीम कोर्ट: देरी पर धारा 18 के तहत ब्याज सहित रिफंड का खरीदार का हक बिना शर्त है; RERA अथॉरिटी रिफंड का आदेश दे सकती है।
Imperia Structures Ltd. v. Anil Patni (2020)
सुप्रीम कोर्ट: RERA होने के बावजूद घर खरीदार चाहे तो उपभोक्ता आयोग जा सकता है।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
विक्रेता या सेवा देने वाली कंपनी से शिकायत सुलझाने में मुफ्त मदद।
ई-जागृति (उपभोक्ता आयोग ई-फाइलिंग)
जिला, राज्य या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में ऑनलाइन केस दर्ज करें।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- राज्य के अनुसार अलग
- हर राज्य या UT की अपनी RERA अथॉरिटी, ऑनलाइन पोर्टल, नियम और शिकायत फीस है। रिफंड और देरी पर ब्याज की दर आपके राज्य के RERA नियम तय करते हैं।
- कानून लागू होने की तारीख
- 1 मई 2017
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।