ज़मीन या फ्लैट खरीदने से पहले मुझे क्या-क्या जाँचना चाहिए?
सीधा जवाब
पक्का करें कि बेचने वाला सच में मालिक है और बेच सकता है: पुराने मालिकाना कागज़, एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (कोई लोन या केस नहीं), मंज़ूरियाँ, और नए प्रोजेक्ट में RERA रजिस्ट्रेशन। फिर स्टांप ड्यूटी भरकर सेल डीड रजिस्टर कराएँ। सिर्फ रजिस्टर्ड सेल डीड से ही आप मालिक बनते हैं।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
अर्जुन चेन्नई में पुराना फ्लैट खरीद रहा था। एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट में उस पर बैंक का लोन अब भी दर्ज दिखा। उसने सेल डीड पर साइन करने से पहले बेचने वाले से लोन बंद कराकर बैंक का रिलीज़ लेटर लाने को कहा।
नेहा ने स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए दिल्ली में प्लॉट 'GPA, एग्रीमेंट टू सेल और वसीयत' से लिया। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि ऐसे सौदों से मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता। रजिस्टर्ड सेल डीड बनने तक वह कानूनी मालिक नहीं है।
संजय के बिल्डर ने कोई एग्रीमेंट किए बिना कीमत का 20% माँगा। RERA के तहत बिल्डर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट फॉर सेल से पहले 10% से ज़्यादा नहीं ले सकता।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1सभी मालिकाना कागज़ों की कॉपी लें, बेहतर हो पिछले 30 साल की, और किसी प्रॉपर्टी वकील से जँचवाएँ।
- 2सब-रजिस्ट्रार ऑफिस से एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट लें (कई राज्यों में ऑनलाइन)। देखें कि ज़मीन के रिकॉर्ड, दाखिल-खारिज और टैक्स रसीदें बेचने वाले के नाम हैं।
- 3मंज़ूरियाँ देखें: पास नक्शा, कंप्लीशन या ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट, और ज़मीन के लिए भूमि-उपयोग या कन्वर्ज़न की अनुमति।
- 4नए प्रोजेक्ट के लिए राज्य की RERA वेबसाइट पर उसका रजिस्ट्रेशन और स्टेटस देखें।
- 5पक्का करें कि हर मालिक और सह-वारिस साइन करे, और पैसा बैंक से दें, नकद नहीं।
- 6स्टांप ड्यूटी भरें, सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में सेल डीड रजिस्टर कराएँ, फिर अपने नाम दाखिल-खारिज की अर्ज़ी दें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- खेती की ज़मीन: कई राज्यों में इसे कौन खरीद सकता है इस पर रोक है, या उस पर निर्माण से पहले अनुमति ज़रूरी है।
- कुछ छोटे प्रोजेक्ट RERA रजिस्ट्रेशन से छूट में हैं। उनमें मंज़ूरियों और बिल्डर के रिकॉर्ड की ज़्यादा जाँच करें।
- आदिवासी ज़मीन, सरकार से आवंटित ज़मीन और कोर्ट से कुर्क संपत्ति आमतौर पर खुलकर नहीं बेची जा सकती।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Transfer of Property Act, 1882 — Section 54
₹100 या उससे ज़्यादा की अचल संपत्ति की बिक्री रजिस्टर्ड डीड से ही होती है; सिर्फ एग्रीमेंट टू सेल से मालिकाना हक नहीं मिलता।
Registration Act, 1908 — Section 17(1)(b)
₹100 या ज़्यादा की अचल संपत्ति में हक बनाने या ट्रांसफर करने वाले कागज़ों का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 — Sections 3, 13
प्रोजेक्ट (छोटे छूट वाले छोड़कर) बेचने से पहले RERA में रजिस्टर हों; रजिस्टर्ड एग्रीमेंट फॉर सेल से पहले बिल्डर 10% से ज़्यादा नहीं ले सकता।
Suraj Lamp & Industries Pvt. Ltd. v. State of Haryana (2011)
सुप्रीम कोर्ट: GPA, एग्रीमेंट टू सेल और वसीयत से मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता; सिर्फ रजिस्टर्ड सेल डीड से होता है।
मदद कहाँ मिलेगी
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- राज्य के अनुसार अलग
- स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड, एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और खेती की ज़मीन खरीदने की पाबंदियाँ राज्य के हिसाब से अलग हैं। अपने राज्य के रजिस्ट्रेशन और राजस्व विभाग की वेबसाइट देखें।
- कानून लागू होने की तारीख
- 1 जुल॰ 1882
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।