रेंट एग्रीमेंट 11 महीने का क्यों बनता है? क्या इसे रजिस्टर कराना ज़रूरी है?
सीधा जवाब
एक साल से ज़्यादा (या साल-दर-साल) की लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, जिसमें ज़्यादा स्टांप ड्यूटी और फीस लगती है। ज़्यादातर राज्यों में 11 महीने का एग्रीमेंट इससे बच जाता है। फिर भी सही स्टांप ड्यूटी ज़रूरी है, और महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में हर रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर कराना पड़ता है।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
आयशा सही कीमत के स्टांप पेपर पर 11 महीने का एग्रीमेंट करती है। उसके राज्य में इसका रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं है। अवधि खत्म होने पर वह और मालिक नया एग्रीमेंट करते हैं।
पुणे में रोहन ने 11 महीने का लीव-एंड-लाइसेंस एग्रीमेंट बिना रजिस्ट्रेशन के किया। महाराष्ट्र में हर ऐसा एग्रीमेंट रजिस्टर होना चाहिए और यह ज़िम्मेदारी मालिक की है। न हो तो मालिक को सज़ा हो सकती है, और उल्टा साबित न होने तक रोहन की बताई शर्तें सही मानी जाती हैं।
जोसेफ ने 3 साल की लीज़ पर साइन किया पर उसे रजिस्टर नहीं कराया। वह 3 साल की अवधि लागू कराने के लिए इस पर भरोसा नहीं कर सकता। उसकी किरायेदारी महीने-दर-महीने की मानी जा सकती है।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1किराया, डिपॉज़िट, नोटिस अवधि, लॉक-इन, मरम्मत और कौन-सा बिल कौन देगा, सब लिखें। दोनों पक्ष हर पेज पर साइन करें।
- 2अपने राज्य की सही स्टांप ड्यूटी ई-स्टांप पेपर या फ्रैंकिंग से भरें। बिना स्टांप वाला एग्रीमेंट ड्यूटी और जुर्माना भरे बिना सबूत के रूप में नहीं चलता।
- 3अवधि एक साल से ज़्यादा हो, या आपका राज्य हर अवधि के लिए रजिस्ट्रेशन माँगता हो, तो सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्टर कराएँ।
- 4मकान मालिक: जहाँ शहर की पुलिस माँगती है, वहाँ किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराएँ।
- 5जिन राज्यों में मॉडल टेनेंसी एक्ट जैसा कानून है, वहाँ तय समय में (मॉडल कानून में दो महीने) रेंट अथॉरिटी को सूचना दें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- 11 महीने का एग्रीमेंट होने से मालिक आखिरी दिन आपको निकाल नहीं सकता। आप रुके रहें और वह किराया लेता रहे, तो किरायेदारी महीने-दर-महीने चलती है, और नोटिस व कानूनी प्रक्रिया अब भी ज़रूरी है।
- एग्रीमेंट नोटरी कराना रजिस्ट्रेशन नहीं है। नोटरी सिर्फ साइन प्रमाणित करता है; जहाँ रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है, वहाँ यह उसकी जगह नहीं लेता।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Registration Act, 1908 — Sections 17(1)(d), 49
साल-दर-साल, एक साल से ज़्यादा या सालाना किराए वाली लीज़ का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है; बिना रजिस्ट्रेशन वह संपत्ति पर असर नहीं डालती, कुछ सीमित कामों को छोड़कर।
Transfer of Property Act, 1882 — Sections 107, 116
एक साल से ज़्यादा की लीज़ के लिए रजिस्टर्ड डीड चाहिए; लीज़ खत्म होने के बाद मालिक किराया ले, तो घर की किरायेदारी महीने-दर-महीने चलती है।
Maharashtra Rent Control Act, 1999 — Section 55
महाराष्ट्र: हर लीव-एंड-लाइसेंस या किराया एग्रीमेंट लिखित और रजिस्टर्ड होना चाहिए; ज़िम्मेदारी मालिक की है, उल्लंघन पर सज़ा।
Model Tenancy Act, 2021 — Section 4
मॉडल कानून: किराया सिर्फ लिखित एग्रीमेंट से, दो महीने में रेंट अथॉरिटी को सूचना। सिर्फ अपनाने वाले राज्यों में लागू।
मदद कहाँ मिलेगी
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- राज्य के अनुसार अलग
- स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन नियम, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और पुलिस वेरिफिकेशन राज्य के हिसाब से अलग हैं। महाराष्ट्र में हर लीव-एंड-लाइसेंस और किराया एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। मॉडल टेनेंसी एक्ट जैसे कानून वाले राज्यों में रेंट अथॉरिटी को भी बताना होता है।
- कानून लागू होने की तारीख
- 1 जन॰ 1909
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।