कोर्ट की प्रक्रिया
केस, सुनवाई · 10 सवाल
मेरे पास वकील के पैसे नहीं हैं। मुफ्त कानूनी सहायता कैसे मिलेगी?
हाँ, अगर आप पात्र हैं। सभी महिलाएँ और बच्चे, SC/ST, दिव्यांग, हिरासत में बंद लोग, औद्योगिक मज़दूर, आपदा पीड़ित और कम आय वाले लोग मुफ्त वकील पा सकते हैं। अपने ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में आवेदन करें या 15100 पर कॉल करें।
लोक अदालत क्या है? क्या मेरा केस वहाँ निपट सकता है?
हाँ, अगर दोनों पक्ष राज़ी हों। लोक अदालत विधिक सेवा प्राधिकरण का मुफ्त समझौता मंच है। इसका अवॉर्ड कोर्ट की डिक्री जैसा होता है, अपील नहीं होती, और भरी कोर्ट फीस वापस मिलती है। जिन अपराधों में कानूनी समझौता नहीं हो सकता, वे यहाँ नहीं आते।
मैं अपने कोर्ट केस का स्टेटस और अगली तारीख कैसे देखूँ?
मुफ्त eCourts Services वेबसाइट या मोबाइल ऐप इस्तेमाल करें। अपना 16 अक्षरों का CNR नंबर डालें, या केस नंबर, पक्षकार के नाम या वकील के नाम से खोजें। अगली तारीख, केस की स्थिति और पुराने आदेश दिख जाएँगे।
मुझे कोर्ट का समन मिला है। अब मुझे क्या करना चाहिए?
इसे नज़रअंदाज़ न करें। समन का मतलब है कि आपको तय तारीख पर कोर्ट आना है। सिविल केस में न जाने पर कोर्ट आपको सुने बिना (एकतरफा) फैसला कर सकती है। क्रिमिनल केस में कोर्ट गिरफ्तारी का वारंट जारी कर सकती है।
मुझे दिया गया चेक बाउंस हो गया। अब क्या करें?
अगर चेक किसी असली कर्ज़ या देनदारी के लिए था, तो आप क्रिमिनल केस कर सकते हैं। बैंक का रिटर्न मेमो मिलने के 30 दिन में लिखित डिमांड नोटिस भेजें। नोटिस मिलने के 15 दिन में भुगतान न हो, तो अगले एक महीने में शिकायत करें।
लीगल नोटिस क्या होता है? क्या इसे भेजने के लिए वकील ज़रूरी है?
लीगल नोटिस एक औपचारिक चिट्ठी है, जिसमें आप अपनी माँग लिखते हैं और कोर्ट जाने से पहले दूसरे पक्ष को मामला सुलझाने का समय देते हैं। आप इसे खुद भेज सकते हैं; वकील ज़रूरी नहीं। यह सिर्फ कुछ मामलों में अनिवार्य है, जैसे सरकार पर केस या चेक बाउंस।
सिविल केस और क्रिमिनल केस में क्या फर्क है?
सिविल केस पैसे, ज़मीन-जायदाद, परिवार या कॉन्ट्रैक्ट जैसे निजी विवाद सुलझाता है, और इसमें भुगतान या कब्ज़े जैसे आदेश मिलते हैं। क्रिमिनल केस अपराध का होता है; मुकदमा सरकार चलाती है, और सज़ा जेल या जुर्माना हो सकती है। एक ही घटना से दोनों केस बन सकते हैं।
क्या केस दर्ज करने की कोई समय-सीमा होती है?
हाँ, ज़्यादातर सिविल केस और छोटे अपराधों के लिए। कई सिविल दावों की सीमा 3 साल है; ज़मीन या मकान वापस पाने के केस की आमतौर पर 12 साल। छोटे अपराधों की सीमा 6 महीने से 3 साल है, पर 3 साल से ज़्यादा सज़ा वाले अपराधों की कोई सीमा नहीं।
कोर्ट का फैसला मेरे खिलाफ आया। क्या अपील हो सकती है?
आमतौर पर हाँ, पर जल्दी करें। सिविल केस में पहली अपील आमतौर पर 30 दिन में, और हाई कोर्ट में हो तो 90 दिन में करनी होती है। दोषी ठहराया गया व्यक्ति ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकता है, और पीड़ित बरी होने के खिलाफ। लोक अदालत के अवॉर्ड की अपील नहीं होती।
मुझे पहली बार कोर्ट जाना है। सुनवाई में क्या होता है?
ज़्यादातर सुनवाई छोटी होती है। उस दिन की कॉज़ लिस्ट में आपके आइटम नंबर से केस पुकारा जाता है; जज वकीलों को सुनते हैं, कार्यवाही दर्ज करते हैं और अगली तारीख देते हैं। शुरू की कई तारीखें कागज़ी काम या स्थगन की होती हैं, इसलिए केस में कई तारीखें लगती हैं।
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।