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पारिवारिक कानून

जल्दी करें

मेरे ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं। मैं क्या करूँ?

सीधा जवाब

खतरा हो तो अभी 112 या 181 पर कॉल करें। दहेज माँगना अपराध है, और दहेज के लिए पत्नी को सताना BNS धारा 85 में क्रूरता है (3 साल तक जेल)। आप पुलिस में शिकायत कर सकती हैं, और सुरक्षा व अपना स्त्रीधन वापस भी माँग सकती हैं।

असल ज़िंदगी के उदाहरण

पूजा के ससुराल वाले बार-बार कार माँगते हैं, ताने देते हैं और उसे परिवार के साथ खाना नहीं खाने देते। वह उनके मैसेज सेव करती है, माता-पिता को बताती है और महिला सेल में शिकायत करती है। पुलिस क्रूरता और दहेज की माँग की FIR दर्ज कर सकती है।

नसरीन के पति ने उससे पूछे बिना उसके शादी के गहने बेच दिए। दुल्हन को मिले गहने और तोहफ़े उसका स्त्रीधन हैं। वह DV एक्ट के तहत मजिस्ट्रेट से इन्हें लौटाने का आदेश माँग सकती है।

मीरा के माता-पिता ने बिना किसी माँग के शादी में तोहफ़े दिए और उनकी लिस्ट बनाई। ऐसे अपनी मर्ज़ी के तोहफ़े दहेज नहीं हैं। लेकिन अगर ससुराल वाले बाद में और पैसे माँगें, तो वह माँग अपराध है।

आपको क्या करना चाहिए?

  1. 1हिंसा या धमकी हो तो तुरंत 112 पर कॉल करें, या मदद, रहने की जगह और काउंसलिंग के लिए 181 पर।
  2. 2हर माँग तारीख, रकम और माँगने वाले के नाम के साथ लिखें। मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग, बैंक ट्रांसफ़र और गवाहों के नाम संभालें।
  3. 3नज़दीकी थाने या महिला सेल में जाकर शिकायत करें। FIR की मुफ्त कॉपी माँगें।
  4. 4अपने स्त्रीधन (गहने, तोहफ़े, नकद) की लिस्ट फोटो या बिल के साथ बनाएँ, ताकि उसे वापस माँग सकें।
  5. 5ज़रूरत हो तो DV एक्ट के तहत मजिस्ट्रेट से सुरक्षा, रहने और पैसे के आदेश माँगें।
  6. 6मुफ्त वकील के लिए NALSA को 15100 पर कॉल करें, या राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत करें।

अपवाद और ज़रूरी बातें

  • शादी में बिना किसी माँग के अपनी मर्ज़ी से दिए तोहफ़े दहेज नहीं हैं। उनकी लिखित लिस्ट होनी चाहिए।
  • अगर आप पीड़ित के तौर पर शिकायत करती हैं, तो आपके बयान के आधार पर दहेज देने के लिए आप पर केस नहीं चल सकता।
  • अगर शादी के 7 साल के अंदर दहेज उत्पीड़न के बाद महिला की असामान्य मौत हो, तो यह 'दहेज मृत्यु' है (BNS धारा 80), जिसमें कम से कम 7 साल की जेल है।

आधिकारिक कानूनी संदर्भ

  • Dowry Prohibition Act, 1961 — Sections 3, 4

    दहेज लेना या देना: कम से कम 5 साल जेल और जुर्माना। दहेज माँगना: 6 महीने से 2 साल जेल और जुर्माना।

  • Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Sections 85, 86

    पति या उसके रिश्तेदारों की क्रूरता, दहेज के लिए सताना भी: 3 साल तक जेल और जुर्माना।

  • Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 80

    दहेज मृत्यु: दहेज क्रूरता के बाद शादी के 7 साल में असामान्य मौत; कम से कम 7 साल से उम्रकैद तक।

  • Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 — Section 118

    दहेज मृत्यु के केस में कोर्ट मानकर चलता है कि मौत से कुछ पहले दहेज के लिए सताने वाले ने ही मौत कराई, जब तक वह उल्टा साबित न करे।

  • Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 — Sections 18, 19

    सुरक्षा आदेश, और महिला का स्त्रीधन, गहने और कीमती सामान लौटाने का आदेश।

मदद कहाँ मिलेगी

आपातकालीन सेवा

किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, फायर या एम्बुलेंस।

महिला हेल्पलाइन

हिंसा झेल रही महिलाओं के लिए 24x7 सहायता और वन स्टॉप सेंटर।

राष्ट्रीय महिला आयोग

महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की शिकायत।

नालसा मुफ्त कानूनी सहायता

पात्र लोगों के लिए मुफ्त वकील और कानूनी सलाह।

स्रोत और स्थिति

कहाँ लागू
राज्य के अनुसार अलग
कुछ राज्यों ने दहेज निषेध कानून में बदलाव किए हैं। जुलाई 2025 के सुप्रीम कोर्ट फ़ैसले के बाद, कुछ जगह पुलिस बिना चोट वाली क्रूरता की शिकायतें गिरफ़्तारी से पहले दो महीने के लिए परिवार कल्याण समिति को भेज सकती है।
कानून लागू होने की तारीख
1 जुल॰ 2024
कानूनी समीक्षा
ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी

यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।

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