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पारिवारिक कानून

मेरे बच्चे मेरी देखभाल नहीं करते। क्या मैं उनसे खर्च माँग सकता/सकती हूँ?

सीधा जवाब

हाँ। जो माता-पिता और 60+ उम्र के वरिष्ठ नागरिक अपना खर्च नहीं चला सकते, वे अपने बालिग़ बच्चों या पोते-पोतियों से हर महीने खर्च माँग सकते हैं। मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल (आमतौर पर SDM ऑफिस) में अर्ज़ी दें; वकील की ज़रूरत नहीं। ट्रिब्यूनल ₹10,000 महीने तक दिला सकता है। BNSS धारा 144 में भी माँग सकते हैं।

असल ज़िंदगी के उदाहरण

72 साल के रमेश नागपुर में अकेले रहते हैं। उनके दोनों बेटे अच्छा कमाते हैं पर कुछ नहीं भेजते। वे SDM ऑफिस के ट्रिब्यूनल में दोनों बेटों के खिलाफ अर्ज़ी देते हैं और फ़ैसला होने तक अंतरिम खर्च माँगते हैं।

70 साल की मैरी ने इस लिखित शर्त पर अपना घर बेटे को गिफ्ट किया कि वह उनकी देखभाल करेगा। बाद में बेटे ने खाना और दवाइयाँ देना बंद कर दिया। वह धारा 23 के तहत ट्रिब्यूनल से गिफ्ट रद्द करने को कह सकती हैं।

65 साल के गुरदीप के कोई बच्चे नहीं हैं। उनके भतीजे से, जो उनकी ज़मीन का वारिस बनेगा, खर्च माँगा जा सकता है।

आपको क्या करना चाहिए?

  1. 1दुर्व्यवहार हो या आपको छोड़ दिया गया हो, तो 112 पर कॉल करें। सलाह और प्रक्रिया में मदद के लिए एल्डर लाइन 14567 पर कॉल करें।
  2. 2जिस ज़िले में आप या आपके बच्चे रहते हैं, वहाँ के मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल को अर्ज़ी लिखें। हर बच्चे या रिश्तेदार का नाम और अपनी महीने की ज़रूरतें लिखें।
  3. 3उम्र का सबूत, अपनी आय और खर्च, और पता हो तो उनकी नौकरी या संपत्ति की जानकारी लगाएँ। कोई NGO या आपका अधिकृत व्यक्ति भी आपकी तरफ़ से अर्ज़ी दे सकता है।
  4. 4अंतरिम खर्च माँगें। ट्रिब्यूनल को नोटिस के 90 दिन में फ़ैसला करना चाहिए, जिसे एक बार 30 दिन बढ़ाया जा सकता है।
  5. 5अगर आपने देखभाल की शर्त पर संपत्ति दी थी और उन्होंने देखभाल बंद कर दी, तो ट्रिब्यूनल से ट्रांसफ़र रद्द करने को कहें।
  6. 6आदेश से संतुष्ट नहीं? 60 दिन के अंदर अपीलीय ट्रिब्यूनल (ज़िला मजिस्ट्रेट स्तर) में अपील करें।

अपवाद और ज़रूरी बातें

  • आप इस कानून में या BNSS धारा 144 में खर्च माँग सकते हैं, लेकिन दोनों में एक साथ नहीं।
  • संपत्ति का गिफ्ट रद्द कराने के लिए आमतौर पर दिखाना होता है कि यह देखभाल की शर्त पर दिया गया था। कोर्ट गिफ्ट डीड और तथ्यों को ध्यान से देखते हैं।
  • सिर्फ़ वही माता-पिता या वरिष्ठ नागरिक माँग सकते हैं जो अपनी आय या संपत्ति से खर्च नहीं चला सकते, और नाबालिग़ बच्चों से नहीं।

आधिकारिक कानूनी संदर्भ

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 — Sections 4, 5

    कौन किससे खर्च माँग सकता है; अंतरिम खर्च; ट्रिब्यूनल नोटिस के 90 दिन में फ़ैसला करे।

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 — Sections 9, 12

    ज़्यादा से ज़्यादा ₹10,000 महीना (राज्य कम तय कर सकता है); यह कानून या BNSS धारा 144, दोनों नहीं।

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 — Sections 16, 17

    60 दिन में अपील; ट्रिब्यूनल में वकील किसी पक्ष की ओर से पेश नहीं हो सकते।

  • Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 — Sections 23, 24

    देखभाल की शर्त पर किया गया संपत्ति ट्रांसफ़र रद्द हो सकता है; बुज़ुर्ग को छोड़ देना: 3 महीने तक जेल, ₹5,000 जुर्माना या दोनों।

  • Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 — Section 144

    खुद का खर्च न चला सकने वाले माता या पिता, साधन वाले बच्चे से गुज़ारा-भत्ता माँग सकते हैं।

मदद कहाँ मिलेगी

एल्डर लाइन

वरिष्ठ नागरिकों के लिए दुर्व्यवहार, भरण-पोषण और कानूनी मदद।

आपातकालीन सेवा

किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, फायर या एम्बुलेंस।

नालसा मुफ्त कानूनी सहायता

पात्र लोगों के लिए मुफ्त वकील और कानूनी सलाह।

स्रोत और स्थिति

कहाँ लागू
राज्य के अनुसार अलग
हर राज्य इस कानून के अपने नियम बनाता है, इसलिए अधिकतम रकम (₹10,000 तक), फ़ॉर्म और बच्चों को माता-पिता के घर से निकालने जैसी शक्तियाँ अलग हो सकती हैं। SDM ऑफिस में पूछें या एल्डर लाइन 14567 पर कॉल करें।
कानून लागू होने की तारीख
29 दिस॰ 2007
कानूनी समीक्षा
ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी

यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।

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