कोई मुझे ऑनलाइन गालियाँ दे रहा है या धमका रहा है।
सीधा जवाब
धमकी, अश्लील टिप्पणियाँ और बदनाम करने वाले झूठ ऑनलाइन भी अपराध हैं। पहले रिपोर्ट और ब्लॉक करें — प्लेटफॉर्म को तय समय में शिकायत पर कार्रवाई करनी होती है। जान को खतरा हो तो पुलिस या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। सिर्फ रूखी आलोचना आमतौर पर अपराध नहीं है।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
फातिमा ने एक क्रिकेट मैच पर अपनी राय पोस्ट की, और अनजान लोगों ने रेप की धमकियाँ और अश्लील गालियाँ दीं। ये आपराधिक धमकी और महिला की गरिमा का अपमान जैसे अपराध हो सकते हैं। उसने स्क्रीनशॉट लिए, अकाउंट रिपोर्ट किए और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की।
विक्रम की पोस्ट पर सैकड़ों लोगों ने उसकी राय को 'बेवकूफी' कहा। यह बदतमीज़ी है, पर अपराध नहीं। उसने उन अकाउंट को ब्लॉक और म्यूट कर दिया। 'आपत्तिजनक' मैसेज वाली IT एक्ट की पुरानी धारा 66A 2015 में रद्द हो चुकी है, उसका इस्तेमाल नहीं हो सकता।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1पोस्ट, कमेंट और प्रोफाइल लिंक के स्क्रीनशॉट तारीख और समय के साथ लें। जवाब या बहस न करें।
- 2अकाउंट रिपोर्ट और ब्लॉक करें। प्लेटफॉर्म कार्रवाई न करे तो उसके ग्रीवांस ऑफिसर को लिखें, जिसे 7 दिन में शिकायत निपटानी होती है।
- 3हिंसा या यौन हमले की धमकी या पीछा करने (स्टॉकिंग) पर cybercrime.gov.in या थाने में शिकायत करें। तुरंत खतरा हो तो 112 पर कॉल करें।
- 4बदनाम करने वाले झूठ के लिए वकील से बात करें: आपराधिक मानहानि के लिए मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत करनी होती है, और हर्जाने का केस भी कर सकते हैं।
- 5महिलाएँ मदद के लिए 181 पर कॉल कर सकती हैं या राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत कर सकती हैं।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- सिर्फ मानहानि के लिए पुलिस आमतौर पर FIR दर्ज नहीं कर सकती। कोर्ट तभी कार्रवाई करता है जब बदनाम हुआ व्यक्ति खुद शिकायत करे।
- आलोचना, मज़ाक या रूखी राय आमतौर पर अभिव्यक्ति की आज़ादी में आती है, जब तक वह धमकी, अश्लीलता, नफ़रत फैलाने या मानहानि में न बदल जाए।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 351
आपराधिक धमकी: शरीर, इज़्ज़त या संपत्ति को नुकसान की धमकी; गुमनाम धमकी पर अतिरिक्त सज़ा।
पहले: IPC Sections 503, 506, 507आधिकारिक पाठ पढ़ेंBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 79
महिला की गरिमा का अपमान करने वाले शब्द, आवाज़, इशारे या चीज़ें दिखाना: 3 साल तक की जेल और जुर्माना।
पहले: IPC Section 509आधिकारिक पाठ पढ़ेंBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 356
मानहानि: किसी की इज़्ज़त को नुकसान पहुँचाने वाले शब्द या तस्वीरें; 2 साल तक जेल, जुर्माना या सामुदायिक सेवा। जनहित में सच कहना बचाव है।
पहले: IPC Sections 499, 500आधिकारिक पाठ पढ़ेंInformation Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 — Rule 3(2)
प्लेटफॉर्म को शिकायत 24 घंटे में स्वीकार करनी और 7 दिन में निपटानी होती है (फरवरी 2026 से पहले 15 दिन)।
Shreya Singhal v. Union of India (2015)
सुप्रीम कोर्ट ने 'आपत्तिजनक' ऑनलाइन मैसेज पर सज़ा देने वाली IT एक्ट की धारा 66A को अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ मानकर रद्द किया।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत शिकायत करें ताकि पैसा रोका जा सके।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 1 जुल॰ 2024
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।
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