जल्दी करें
किसी ने मेरा नकली या मॉर्फ किया हुआ वीडियो बना दिया है।
सीधा जवाब
आप तुरंत कदम उठा सकते हैं। ठगने, बदनाम या यौन रूप से अपमानित करने के लिए नकली या मॉर्फ वीडियो बनाना या फैलाना अपराध हो सकता है। प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें — शिकायत के 2 घंटे में उसे मॉर्फ कंटेंट हटाना होता है। सबूत बचाएँ और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
टीचर शालिनी को एक WhatsApp ग्रुप में एक अश्लील वीडियो मिला जिसमें उनका चेहरा मॉर्फ करके लगाया गया था। उन्होंने लिंक और भेजने वालों के नंबर सेव किए, प्लेटफॉर्म पर वीडियो रिपोर्ट किया और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की। वीडियो नकली होने पर भी ऐसी सामग्री फैलाना अपराध है।
कुणाल के पिता को कुणाल की नकली (AI से बनी) आवाज़ में कॉल आया कि 'एक्सीडेंट' हुआ है, ₹50,000 भेजो। उन्होंने कुणाल के असली नंबर पर वापस कॉल किया और पता चला कि कॉल नकली था। अगर वे पैसे भेज देते, तो यह रूप धरकर ठगी होती और उन्हें तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1वीडियो किसी को फॉरवर्ड न करें, शिकायत के लिए भी नहीं। लिंक, स्क्रीनशॉट, यूज़रनेम, फोन नंबर और तारीखें सेव करें।
- 2प्लेटफॉर्म पर इसे impersonation या मॉर्फ कंटेंट के रूप में और ग्रीवांस ऑफिसर को रिपोर्ट करें। शिकायत के 2 घंटे में ऐसा कंटेंट हटाना ज़रूरी है।
- 3cybercrime.gov.in पर शिकायत करें (अश्लील कंटेंट के लिए महिला/बच्चों वाला हिस्सा चुनें) या साइबर थाने जाएँ।
- 4अगर नकली आवाज़ या वीडियो से पैसे लिए गए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
- 5इज़्ज़त को गंभीर नुकसान हो तो मानहानि के केस और कंटेंट हटवाने के कोर्ट आदेश के बारे में वकील से बात करें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- साफ तौर पर बताया गया व्यंग्य या पैरोडी अभिव्यक्ति की आज़ादी में आ सकता है। फरवरी 2026 से प्लेटफॉर्म को कानूनी AI कंटेंट पर लेबल लगाना और धोखा देने वाले डीपफेक पर तुरंत कार्रवाई करनी होती है।
- अगर आप 18 साल से कम हैं, तो सख्त POCSO कानून लागू होता है। बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट cybercrime.gov.in पर गुमनाम रूप से रिपोर्ट हो सकता है, या चाइल्डलाइन 1098 पर कॉल करें।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Information Technology Act, 2000 — Section 66D
कंप्यूटर या फोन से किसी और का रूप धरकर ठगी, जैसे नकली आवाज़ से: 3 साल तक की जेल और जुर्माना।
Information Technology Act, 2000 — Sections 66E, 67, 67A
बिना सहमति निजी तस्वीरें (66E), या अश्लील (67) या सेक्सुअली एक्सप्लिसिट (67A) सामग्री ऑनलाइन फैलाना: जेल और जुर्माना।
Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 356
मानहानि: किसी की इज़्ज़त को नुकसान पहुँचाने वाले शब्द या तस्वीरें; 2 साल तक जेल, जुर्माना या सामुदायिक सेवा।
पहले: IPC Sections 499, 500आधिकारिक पाठ पढ़ेंBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 336(4)
किसी की इज़्ज़त खराब करने के लिए नकली दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना: 3 साल तक की जेल और जुर्माना।
पहले: IPC Section 469आधिकारिक पाठ पढ़ेंInformation Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 (as amended in 2026) — Rule 3
प्लेटफॉर्म को AI से बने कंटेंट पर लेबल लगाना, नुकसानदेह डीपफेक पर कार्रवाई करना और शिकायत के 2 घंटे में आपकी मॉर्फ तस्वीरें हटानी होती हैं।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत शिकायत करें ताकि पैसा रोका जा सके।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 27 अक्टू॰ 2009
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।