मेरा ऑनलाइन ऑर्डर नहीं आया या रिफंड अटका हुआ है।
सीधा जवाब
आप दबाव बना सकते हैं। हर शॉपिंग साइट पर शिकायत अधिकारी होना ज़रूरी है, जो 48 घंटे में शिकायत की पावती दे और एक महीने में उसे सुलझाए। खराब, नकली, बताए से अलग या देर से पहुंचे सामान पर सेलर रिफंड से मना नहीं कर सकता।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
लखनऊ की आयशा ने ऑनलाइन जूते मंगवाए और पैसे दे दिए। ऐप पर 'डिलीवर्ड' दिखा, पर पार्सल आया ही नहीं। उसने टिकट बनाया, फिर ऐप पर दिए शिकायत अधिकारी को ईमेल किया। एक महीने में हल न होने पर उसने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत की।
तेनज़िन का फोन टूटी स्क्रीन के साथ आया तो उसने उसे वापस कर दिया। रिटर्न मंज़ूर हो गया, पर हफ्तों तक पैसे नहीं आए। मंज़ूर रिफंड उचित समय में देना ज़रूरी है, इसलिए उसने ऑर्डर और रिटर्न ID के साथ शिकायत आगे बढ़ाई।
बाढ़ से सड़कें बंद होने के कारण फ़ातिमा का पार्सल देर से पहुँचा। ऐसी देरी, जो किसी के बस में नहीं थी (फोर्स मेज्योर), सिर्फ इस वजह से रिफंड का हक नहीं देती। सामान खराब निकले तो उसके बाकी हक बने रहते हैं।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1ऑर्डर, पेमेंट, चैट और डिलीवरी स्टेटस के स्क्रीनशॉट रखें। ऑर्डर ID और हर शिकायत का टिकट नंबर लिख लें।
- 2पहले ऐप में शिकायत करें, फिर शिकायत अधिकारी (ग्रीवेंस ऑफिसर) को ईमेल करें। साइट पर उनका नाम और संपर्क दिखाना ज़रूरी है।
- 3एक महीने में हल नहीं हुआ? 1915 पर कॉल करें या NCH ऐप इस्तेमाल करें। कई बड़ी कंपनियाँ सीधे इस हेल्पलाइन से जुड़ी हैं।
- 4कार्ड से पेमेंट किया था तो न मिले सामान के लिए बैंक से 'चार्जबैक' (पेमेंट वापसी) के बारे में पूछें।
- 5फिर भी पैसे नहीं मिले? ई-जागृति पर केस करें। आप वहीं केस कर सकते हैं जहाँ आप रहते या काम करते हैं, भले कंपनी दूसरे शहर में हो।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- सिर्फ मन बदलने पर सामान लौटाना सेलर की रिटर्न पॉलिसी पर निर्भर है, जो खरीदने से पहले दिखानी ज़रूरी है।
- बाढ़, हड़ताल जैसी किसी के बस में न होने वाली घटनाओं (फोर्स मेज्योर) से हुई देरी अपने-आप रिफंड का हक नहीं देती।
- अगर पैसे कट गए पर ऑर्डर बना ही नहीं, तो यह फेल हुआ पेमेंट है। पहले अपने बैंक या UPI ऐप से शिकायत करें।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 — Rules 4(4), 4(5)
हर प्लेटफॉर्म को शिकायत अधिकारी रखना, संपर्क दिखाना, 48 घंटे में पावती देना और एक महीने में शिकायत सुलझाना ज़रूरी है।
Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 — Rule 4(10)
मंज़ूर रिफंड का पैसा RBI या लागू कानून के मुताबिक उचित समय में देना होगा।
Consumer Protection (E-Commerce) Rules, 2020 — Rules 6(3), 7(4)
खराब, कमी वाले, नकली, बताए से अलग या देर से पहुंचे सामान पर वापसी या रिफंड से मना नहीं; फोर्स मेज्योर वाली देरी छोड़कर।
Consumer Protection Act, 2019 — Section 2(7)
'उपभोक्ता' में ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सामान या सेवा खरीदने वाले भी शामिल हैं।
Consumer Protection Act, 2019 — Section 34(2)
शिकायत वहाँ हो सकती है जहाँ कंपनी काम करती है, जहाँ मामला हुआ, या जहाँ आप रहते या काम करते हैं।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
विक्रेता या सेवा देने वाली कंपनी से शिकायत सुलझाने में मुफ्त मदद।
ई-जागृति (उपभोक्ता आयोग ई-फाइलिंग)
जिला, राज्य या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में ऑनलाइन केस दर्ज करें।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 23 जुल॰ 2020
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।
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