दुकानदार ने मुझसे MRP से ज़्यादा पैसे लिए। क्या यह सही है?
सीधा जवाब
नहीं। पैकेट वाला सामान उस पर छपे MRP से ज़्यादा में नहीं बेचा जा सकता, और MRP में सारे टैक्स पहले से शामिल होते हैं। ऊपर से 'कूलिंग चार्ज' या GST लेना गलत है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन या राज्य के नाप-तौल (लीगल मेट्रोलॉजी) विभाग में शिकायत करें।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
जोसेफ ने केरल में हाईवे की एक दुकान से ₹40 MRP वाली कोल्ड ड्रिंक खरीदी। दुकानदार ने 'कूलिंग चार्ज' कहकर ₹50 ले लिए। यह MRP से ज़्यादा में बेचना है। जोसेफ ने बिल और बोतल की फोटो रखी और 1915 पर शिकायत की।
प्रिया ने रेस्टोरेंट में खाने के साथ पानी की बोतल मंगवाई और उससे MRP से ज़्यादा पैसे लिए गए। सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि होटल-रेस्टोरेंट अपनी सर्विस के हिस्से के रूप में परोसें तो उन पर MRP का नियम लागू नहीं होता।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1बिल मांगें और पैकेट पर छपे MRP की फोटो ले लें।
- 2दुकानदार को शांति से बताएं कि MRP से ज़्यादा लेना गलत है, और ज़्यादा लिए पैसे वापस मांगें।
- 3बिल और फोटो के साथ 1915 पर कॉल करके या NCH ऐप पर शिकायत दर्ज करें।
- 4अपने राज्य के नाप-तौल विभाग (कंट्रोलर ऑफ लीगल मेट्रोलॉजी) में शिकायत करें। उसके अधिकारी दुकान की जांच कर जुर्माना लगा सकते हैं।
- 5नुकसान बड़ा हो तो ई-जागृति पर उपभोक्ता शिकायत करें। छपी कीमत से ज़्यादा वसूलना शिकायत का सही आधार है।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- होटल और रेस्टोरेंट खाने या सर्विस के साथ पैकेट वाला सामान परोसें तो MRP से ज़्यादा ले सकते हैं (सुप्रीम कोर्ट, 2017)।
- खुला (बिना पैकेट) सामान पर MRP नहीं होता, इसलिए उसकी कीमत पर यह नियम लागू नहीं होता।
- MRP से कम में बेचना पूरी तरह सही है। MRP सबसे ज़्यादा कीमत है, तय कीमत नहीं।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 — Rule 18(2)
कोई भी दुकानदार, थोक विक्रेता, निर्माता, पैकर या आयातक पैकेट वाला सामान MRP से ज़्यादा में नहीं बेच सकता।
Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 — Rule 2(m)
रिटेल सेल प्राइस (MRP) वह सबसे ज़्यादा कीमत है जिस पर पैकेट वाला सामान ग्राहक को बेचा जा सकता है, सारे टैक्स मिलाकर।
Legal Metrology Act, 2009 — Section 36
एक्ट और पैकेजिंग नियम तोड़कर (जैसे MRP से ज़्यादा में) पैकेट वाला सामान बेचने पर जुर्माना।
Consumer Protection Act, 2019 — Section 2(6)(iv)
सामान या पैकेट पर दिखाई कीमत से ज़्यादा वसूलने पर उपभोक्ता शिकायत की जा सकती है।
Federation of Hotel & Restaurant Associations of India v. Union of India (2017)
सुप्रीम कोर्ट: होटल-रेस्टोरेंट अपनी सर्विस के साथ पानी की बोतल दें तो MRP नियम से बंधे नहीं हैं।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
विक्रेता या सेवा देने वाली कंपनी से शिकायत सुलझाने में मुफ्त मदद।
ई-जागृति (उपभोक्ता आयोग ई-फाइलिंग)
जिला, राज्य या राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में ऑनलाइन केस दर्ज करें।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 1 अप्रैल 2011
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।