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ट्रैफिक नियम

जल्दी करें

मेरी गाड़ी से गलती से किसी को टक्कर लग गई। अब क्या करूँ?

सीधा जवाब

रुकें और घायल को तुरंत इलाज दिलाएँ: उसे पास के अस्पताल ले जाएँ या 112/108 पर कॉल करें। फिर पुलिस को बताएँ, ज़्यादा से ज़्यादा 24 घंटे के अंदर, और बीमा कंपनी को लिखकर जानकारी दें। भाग जाना अलग अपराध है और आपका केस बिगाड़ता है।

असल ज़िंदगी के उदाहरण

लखनऊ में रात को अर्जुन की कार ने एक पैदल व्यक्ति को टक्कर मार दी। वह उसे अस्पताल ले गया और थाने में जानकारी दी। पुलिस ने लापरवाही से गाड़ी चलाकर चोट पहुँचाने का केस दर्ज किया, जो ज़मानती है, और अर्जुन को ज़मानत मिल गई। घायल का दावा उसकी बीमा कंपनी देखेगी।

भीड़ भरे बाज़ार में लक्ष्मी की स्कूटी से एक लड़के को टक्कर लगी और गुस्साई भीड़ जमा हो गई। अपनी सुरक्षा के डर से वह वहाँ से निकलकर सीधे पास के थाने गई और जानकारी दी। कानून इसकी इजाज़त देता है, बशर्ते 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट हो।

आपको क्या करना चाहिए?

  1. 1सुरक्षित जगह रुकें, हैज़र्ड लाइट जलाएँ और 112 या 108 पर कॉल करें।
  2. 2घायल को पास के अस्पताल ले जाएँ, जब तक वह या उसका अभिभावक मना न करे।
  3. 3मौके पर मौजूद पुलिस को बताएँ, या 24 घंटे के अंदर पास के थाने में रिपोर्ट करें।
  4. 4बीमा कंपनी को लिखकर बताएँ: पॉलिसी नंबर, तारीख, समय, जगह, घायल की जानकारी, और ड्राइवर का नाम व लाइसेंस।
  5. 5सबूत संभालें: फोटो, डैशकैम या CCTV फुटेज, और गवाहों के नाम।
  6. 6किसी क्रिमिनल वकील से बात करें, खासकर अगर किसी को गंभीर चोट लगी हो या मौत हुई हो। मुफ्त कानूनी मदद के लिए NALSA को 15100 पर कॉल करें।

अपवाद और ज़रूरी बातें

  • अगर गुस्साई भीड़ जैसी वजह से रुकना खतरनाक हो, तो आप जा सकते हैं, लेकिन जितनी जल्दी हो सके और 24 घंटे के अंदर पास के थाने में रिपोर्ट करें।
  • अगर व्यक्ति की मौत हो जाए, तो पुलिस आमतौर पर लापरवाही से मौत (BNS धारा 106) का केस दर्ज करती है, जिसमें 5 साल तक जेल और जुर्माना है।
  • अगर आपने शराब पी थी, या लाइसेंस या बीमा नहीं था, तो अलग से आरोप लगेंगे, और मुआवज़ा खुद भरना पड़ सकता है।

आधिकारिक कानूनी संदर्भ

  • Motor Vehicles Act, 1988 — Section 134

    ड्राइवर को घायल का इलाज कराना, 24 घंटे में पुलिस को बताना और बीमा कंपनी को लिखित जानकारी देना ज़रूरी है।

  • Motor Vehicles Act, 1988 — Section 187

    ये ज़िम्मेदारियाँ न निभाने पर: 6 महीने तक जेल, या ₹5,000 तक जुर्माना, या दोनों; दोबारा पर ज़्यादा।

  • Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Sections 125, 281

    सार्वजनिक सड़क पर लापरवाही से गाड़ी चलाना, और जान खतरे में डालने या चोट/गंभीर चोट पहुँचाने वाले लापरवाह काम।

    पहले: IPC Sections 279, 336, 337, 338आधिकारिक पाठ पढ़ें
  • Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 106(1)

    जल्दबाज़ी या लापरवाही से मौत: 5 साल तक जेल और जुर्माना।

मदद कहाँ मिलेगी

आपातकालीन सेवा

किसी भी आपात स्थिति में पुलिस, फायर या एम्बुलेंस।

एम्बुलेंस

आपातकालीन एम्बुलेंस (अधिकांश राज्यों में)।

नालसा मुफ्त कानूनी सहायता

पात्र लोगों के लिए मुफ्त वकील और कानूनी सलाह।

स्रोत और स्थिति

कहाँ लागू
पूरे भारत में
कानून लागू होने की तारीख
1 जुल॰ 2024
कानूनी समीक्षा
ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी

यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।

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