जल्दी करें
वीडियो कॉल पर कोई कह रहा है कि मैं 'डिजिटल अरेस्ट' में हूँ। क्या यह सच है?
सीधा जवाब
नहीं। भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई चीज़ नहीं है। पुलिस, CBI, ED, कस्टम या जज वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ्तार नहीं करते, न ही 'नाम साफ करने' के लिए पैसे मांगते हैं। यह ठगी है। कॉल काटें और 1930 पर शिकायत करें।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
पुणे के 68 साल के सुरेश को कॉल आया कि उनके नाम के पार्सल में ड्रग्स मिले हैं। वीडियो पर पुलिस की वर्दी में एक आदमी ने कहा कि वे 'डिजिटल अरेस्ट' में हैं और जांच के लिए अपनी बचत 'सेफ अकाउंट' में भेजें। सुरेश ने कॉल काटा, बेटी को बताया और चक्षु पर नंबर की शिकायत की।
आयशा छह घंटे वीडियो कॉल पर रहीं और नकली होने का पता चलने से पहले ₹3 लाख भेज चुकी थीं। उन्होंने तुरंत 1930 पर कॉल किया, ताकि पुलिस पैसा फ्रीज़ कराने की कोशिश कर सके। यहाँ वे पीड़ित हैं, आरोपी नहीं।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1कॉल काट दें। पैसे न भेजें, OTP, आधार या बैंक डिटेल न बताएँ, और उनके कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें।
- 2खुद जांच करें: अपने इलाके के थाने या 112 पर उस नंबर से कॉल करें जो आपने खुद ढूंढा हो, कॉल करने वाले के दिए नंबर से नहीं।
- 3अगर कोई पैसा दे दिया है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और ट्रांज़ैक्शन डिटेल के साथ cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
- 4पैसा न गया हो तब भी, कॉल करने वाले का नंबर या WhatsApp ID चक्षु (संचार साथी) पर रिपोर्ट करें।
- 5परिवार में किसी को बताएँ। ठग चुप रहने और कैमरे के सामने बैठे रहने को कहते हैं — किसी से बात करते ही उनका डर टूट जाता है।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- पुलिस और कोर्ट असली नोटिस या समन भेज सकते हैं, कभी-कभी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी। इन्हें सीधे थाने या कोर्ट से जांचें। असली नोटिस हाज़िर होने को कहता है — 'सेफ अकाउंट' में पैसे भेजने को कभी नहीं।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 — Section 43
गिरफ्तारी कैसे होती है: अधिकारी को व्यक्ति को सचमुच छूना या रोकना होता है, जब तक व्यक्ति खुद हिरासत में न आ जाए।
पहले: CrPC Section 46आधिकारिक पाठ पढ़ेंBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 204
सरकारी अधिकारी (जैसे पुलिस) होने का नाटक करना: 6 महीने से 3 साल तक की जेल और जुर्माना।
पहले: IPC Section 170आधिकारिक पाठ पढ़ेंBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 308
जबरन वसूली: किसी को नुकसान या अपराध के आरोप का डर दिखाकर पैसे लेना।
पहले: IPC Sections 383–389आधिकारिक पाठ पढ़ेंBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 — Section 318(4)
धोखा देकर किसी से पैसा या संपत्ति लेना: 7 साल तक की जेल और जुर्माना।
पहले: IPC Section 420आधिकारिक पाठ पढ़ेंIndian Cyber Crime Coordination Centre (I4C), Ministry of Home Affairs — advisory on 'digital arrest' scams (October 2024)
CBI, पुलिस, कस्टम, ED या जज वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करते; ऐसी कॉल की शिकायत 1930 या cybercrime.gov.in पर करें।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत शिकायत करें ताकि पैसा रोका जा सके।
संचार साथी
फ्रॉड कॉल/SMS की शिकायत (चक्षु), खोया फोन ब्लॉक (CEIR), अपने नाम के सिम जांचें।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 1 जुल॰ 2024
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।
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