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नौकरी और रोज़गार

मेरे साथ काम की जगह पर यौन उत्पीड़न हुआ। मैं शिकायत कहाँ करूँ?

सीधा जवाब

घटना (या आखिरी घटना) के 3 महीने के अंदर अपने दफ्तर की इंटरनल कमेटी को लिखित शिकायत दें। अगर 10 से कम कर्मचारी होने की वजह से कमेटी नहीं है, या शिकायत मालिक के खिलाफ है, तो ज़िले की लोकल कमेटी में जाएँ।

असल ज़िंदगी के उदाहरण

हैदराबाद में अनन्या का टीम लीड उसे लगातार अश्लील मैसेज भेजता था। उसने स्क्रीनशॉट के साथ इंटरनल कमेटी को लिखित शिकायत दी। जांच के दौरान उसने उसे दूसरी टीम में भेजने की माँग की, जिसकी सिफारिश कमेटी कर सकती है।

सुनीता कोलकाता के 6 लोगों वाले एक दफ्तर में काम करती है, इसलिए वहाँ इंटरनल कमेटी नहीं है। वह अपने वार्ड के नोडल अधिकारी के ज़रिए ज़िला अधिकारी की बनाई लोकल कमेटी में शिकायत कर सकती है।

भोपाल की फ़राह ने नौकरी जाने के डर से आखिरी घटना के 5 महीने बाद शिकायत की। अगर कमेटी ठोस कारण लिखे, तो वह 3 महीने की सीमा को 3 महीने और बढ़ा सकती है।

आपको क्या करना चाहिए?

  1. 1जो हुआ उसे तारीख, जगह और गवाहों के साथ लिख लें। मैसेज और स्क्रीनशॉट संभालकर रखें।
  2. 23 महीने के अंदर इंटरनल कमेटी को लिखित शिकायत दें। ज़रूरत हो तो कमेटी के सदस्यों को लिखने में मदद करनी होगी।
  3. 3जांच के दौरान लिखित में अंतरिम राहत माँगें, जैसे ट्रांसफर या 3 महीने तक की अतिरिक्त छुट्टी।
  4. 4कमेटी नहीं है या शिकायत मालिक के खिलाफ है? ज़िला अधिकारी के ज़रिए लोकल कमेटी में जाएँ, या SHe-Box पर ऑनलाइन शिकायत करें।
  5. 5हमला, पीछा करना या धमकी हो तो पुलिस में भी शिकायत कर सकती हैं। आपात स्थिति में 112 और मदद के लिए 181 पर कॉल करें।
  6. 6कमेटी के नतीजे से असहमत हों तो सिफारिशों के 90 दिन के अंदर अपील करें।

अपवाद और ज़रूरी बातें

  • यह कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। उत्पीड़न झेल रहे पुरुष इसके दायरे में नहीं हैं, हालाँकि कंपनी पॉलिसी या दूसरे कानून मदद कर सकते हैं।
  • कमेटी की जांच आपराधिक मुकदमा नहीं है। भारतीय न्याय संहिता के तहत पुलिस केस अलग है और साथ-साथ चल सकता है।
  • सुलह तभी होगी जब आप खुद माँगें, और पैसे का समझौता उसका आधार नहीं हो सकता।

आधिकारिक कानूनी संदर्भ

  • Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 — Sections 4, 6

    हर नियोक्ता को हर दफ्तर में इंटरनल कमेटी बनानी है; 10 से कम कर्मचारी या मालिक के खिलाफ शिकायत पर ज़िले की लोकल कमेटी।

  • Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 — Section 9

    घटना या आखिरी घटना के 3 महीने में लिखित शिकायत; ठोस कारण पर कमेटी 3 महीने और बढ़ा सकती है।

  • Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 — Sections 11, 12

    जांच 90 दिन में पूरी होनी चाहिए; इस बीच कमेटी ट्रांसफर या महिला को 3 महीने तक छुट्टी की सिफारिश कर सकती है।

  • Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 — Section 18

    कमेटी की सिफारिशों से या उन पर अमल न होने से असंतुष्ट व्यक्ति 90 दिन में अपील कर सकता है।

  • Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 — Section 26

    इंटरनल कमेटी न बनाने या उसकी रिपोर्ट पर कार्रवाई न करने वाले नियोक्ता पर ₹50,000 तक जुर्माना।

मदद कहाँ मिलेगी

शी-बॉक्स

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत।

महिला हेल्पलाइन

हिंसा झेल रही महिलाओं के लिए 24x7 सहायता और वन स्टॉप सेंटर।

राष्ट्रीय महिला आयोग

महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की शिकायत।

स्रोत और स्थिति

कहाँ लागू
पूरे भारत में
कानून लागू होने की तारीख
9 दिस॰ 2013
कानूनी समीक्षा
ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी

यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।

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