जल्दी करें
मेरा सोशल मीडिया या ईमेल अकाउंट हैक हो गया है।
सीधा जवाब
जल्दी से अकाउंट वापस लें। प्लेटफॉर्म का असली रिकवरी पेज इस्तेमाल करें, पासवर्ड बदलें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू करें। बिना इजाज़त किसी का अकाउंट खोलना IT एक्ट के तहत अपराध है। अगर हैकर अकाउंट का गलत इस्तेमाल करे या दोस्तों से पैसे मांगे, तो cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
तेनज़िन का Instagram हैक हो गया और हैकर ने उसके दोस्तों से UPI पर ₹10,000 मांगे। उसने Instagram की हैक्ड-अकाउंट रिकवरी इस्तेमाल की, दूसरे अकाउंट से चेतावनी पोस्ट की और शिकायत दर्ज की। जिन दो दोस्तों ने पैसे भेज दिए थे, उन्होंने 1930 पर कॉल किया।
सुनीता के पूर्व पति को उसका ईमेल पासवर्ड पता था और वह उसके मेल पढ़ता रहा। पासवर्ड पता होना इजाज़त नहीं है। उसकी मर्ज़ी के बिना अकाउंट खोलना अपराध हो सकता है, और वह मुआवज़ा भी मांग सकती है।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1सिर्फ प्लेटफॉर्म का असली 'फॉरगॉट पासवर्ड' या 'हैक्ड अकाउंट' पेज इस्तेमाल करें। रिकवर करने का ऑफर देने वाले किसी को पैसे न दें।
- 2अकाउंट वापस मिलते ही पासवर्ड बदलें (और जहाँ वही पासवर्ड था वहाँ भी), टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू करें और बाकी सभी डिवाइस से लॉग आउट करें।
- 3अनजान फोन नंबर, ईमेल और जुड़े हुए ऐप हटाएँ, और देखें कि कोई ऐसा ईमेल फॉरवर्डिंग नियम तो नहीं जो आपने नहीं बनाया।
- 4कॉन्टैक्ट्स को बताएँ कि लिंक पर क्लिक न करें और पैसे न भेजें। अगर बैंक या UPI इस अकाउंट से जुड़ा है, तो बैंक को बताएँ।
- 5स्क्रीनशॉट और प्लेटफॉर्म के 'पासवर्ड बदला गया' वाले ईमेल के साथ cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। किसी का पैसा गया हो तो 1930 पर कॉल करें।
- 6नुकसान का मुआवज़ा चाहिए तो IT एक्ट की धारा 43 के तहत राज्य के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर के पास दावे के बारे में वकील से पूछें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- अगर प्लेटफॉर्म ने नियम तोड़ने की वजह से आपका अकाउंट लॉक या सस्पेंड किया है, तो यह हैकिंग नहीं है। प्लेटफॉर्म पर अपील करें, फिर ग्रीवांस अपीलेट कमेटी में।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Information Technology Act, 2000 — Section 43
बिना इजाज़त किसी का कंप्यूटर, फोन या अकाउंट खोलना, या डेटा कॉपी या खराब करना: मुआवज़ा देना होगा।
Information Technology Act, 2000 — Section 66
धारा 43 वाला कोई काम बेईमानी या धोखे से करना: 3 साल तक जेल, ₹5 लाख तक जुर्माना, या दोनों।
Information Technology Act, 2000 — Section 66C
किसी और का पासवर्ड, ई-सिग्नेचर या दूसरी खास पहचान धोखे से इस्तेमाल करना: 3 साल तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना।
Information Technology Act, 2000 — Section 46
एक्ट के तहत नियुक्त एडजुडिकेटिंग ऑफिसर धारा 43 के मुआवज़े के दावों का फैसला करते हैं।
मदद कहाँ मिलेगी
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
ऑनलाइन धोखाधड़ी की तुरंत शिकायत करें ताकि पैसा रोका जा सके।
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 27 अक्टू॰ 2009
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।
जुड़े हुए सवाल
साइबर अपराध
किसी ने मेरी फोटो लगाकर नकली प्रोफाइल बना दी है।
साइबर अपराधजल्दी करें
UPI फ्रॉड में मेरे खाते से पैसे चले गए। सबसे पहले क्या करूँ?
साइबर अपराधजल्दी करें
मैंने गलती से OTP बता दिया या लिंक पर क्लिक कर दिया। क्या मेरे पैसे वापस मिलेंगे?
साइबर अपराधजल्दी करें
कोई मेरी निजी फोटो या वीडियो से मुझे ब्लैकमेल कर रहा है।