मैं RTI आवेदन कैसे दाखिल करूँ?
सीधा जवाब
अपने सवाल सरकारी दफ्तर के जन सूचना अधिकारी (PIO) को लिखें, फीस भरें (केंद्र सरकार के दफ्तरों के लिए ₹10), और डाक से, खुद जाकर या ऑनलाइन जमा करें। कोई वजह बताने की ज़रूरत नहीं। जवाब 30 दिन में देना होता है, और किसी की जान या आज़ादी का सवाल हो तो 48 घंटे में।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
गुरप्रीत के राशन कार्ड का आवेदन आठ महीने से अटका है। वह RTI डालकर अपनी फाइल की रोज़ की प्रगति और उसे संभालने वाले अधिकारियों के नाम पूछती है। दफ्तर को 30 दिन में जवाब देना होगा।
जोसेफ RTI डालकर अपने पड़ोसी का इनकम टैक्स रिटर्न मांगते हैं। दफ्तर मना कर देता है, क्योंकि किसी दूसरे व्यक्ति की निजी जानकारी धारा 8(1)(j) के तहत छूट में है।
आयशा एक प्राइवेट मोबाइल कंपनी को RTI भेजती है। RTI प्राइवेट कंपनियों पर लागू नहीं होता, लेकिन वह सरकारी नियामक (regulator) से उस कंपनी के बारे में उसके पास मौजूद जानकारी मांग सकती है।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1सही सरकारी दफ्तर पता करें और आवेदन उसके जन सूचना अधिकारी (PIO) के नाम लिखें। सवाल छोटे और साफ रखें।
- 2फीस भरें — केंद्र सरकार के दफ्तरों के लिए ₹10, पोस्टल ऑर्डर, डिमांड ड्राफ्ट, रसीद के साथ नकद या ऑनलाइन। BPL कार्ड वालों को फीस नहीं देनी; कार्ड की कॉपी लगाएँ।
- 3केंद्र के मंत्रालयों और विभागों के लिए rtionline.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। राज्य के दफ्तरों के लिए राज्य का पोर्टल इस्तेमाल करें या डाक से भेजें।
- 4रसीद या रजिस्ट्रेशन नंबर संभालकर रखें और तारीख नोट करें — 30 दिन दफ्तर को आवेदन मिलने से गिने जाते हैं।
- 530 दिन में जवाब न आए या जवाब से संतुष्ट न हों? 30 दिन के अंदर उसी दफ्तर के प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास पहली अपील करें।
- 6फिर भी संतुष्ट नहीं? 90 दिन के अंदर केंद्रीय या राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील करें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- कुछ जानकारी देने से मना किया जा सकता है — जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले, कैबिनेट के कागज़, और दूसरे लोगों की निजी जानकारी (धारा 8)।
- RTI सरकारी संस्थाओं और उन संस्थाओं पर लागू है जो सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण में हैं या जिन्हें सरकार से बड़ी फंडिंग मिलती है — पूरी तरह प्राइवेट कंपनियों पर नहीं।
- कई खुफिया और सुरक्षा एजेंसियाँ RTI के दायरे से बाहर हैं, सिवाय भ्रष्टाचार या मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी जानकारी के।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Right to Information Act, 2005 — Sections 6, 7
आवेदन कैसे करें — लिखित या इलेक्ट्रॉनिक, वजह बताना ज़रूरी नहीं; जवाब 30 दिन में, जान या आज़ादी के मामले में 48 घंटे में।
Right to Information Act, 2005 — Section 8
वह जानकारी जो रोकी जा सकती है, जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले और निजी जानकारी।
Right to Information Act, 2005 — Section 19
30 दिन में वरिष्ठ अधिकारी को पहली अपील; 90 दिन में सूचना आयोग को दूसरी अपील।
Right to Information Act, 2005 — Section 20
सूचना आयोग देरी या गलत इनकार पर PIO पर ₹250 प्रति दिन, अधिकतम ₹25,000 जुर्माना लगा सकता है।
Right to Information Rules, 2012 — Rules 3, 4
केंद्र सरकार की फीस: ₹10 प्रति आवेदन और कॉपी के लिए ₹2 प्रति पेज (A4 या A3)।
मदद कहाँ मिलेगी
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- राज्य के अनुसार अलग
- राज्य सरकार के दफ्तर अपने RTI नियम मानते हैं, इसलिए फीस, भुगतान का तरीका और कॉपी का खर्च अलग हो सकता है। कई राज्यों के अपने ऑनलाइन RTI पोर्टल हैं।
- कानून लागू होने की तारीख
- 12 अक्टू॰ 2005
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।