क्या मुझे असली लाइसेंस और RC साथ रखनी होगी, या DigiLocker काफी है?
सीधा जवाब
DigiLocker या mParivahan काफी है। 2018 से नियमों के तहत लाइसेंस, RC, बीमा, PUC और दूसरे कागज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाए जा सकते हैं। अगर पुलिस इन्हें इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जांच सकती है, तो उसे कागज़ी कॉपी पर ज़ोर नहीं देना चाहिए।
असल ज़िंदगी के उदाहरण
जयपुर में एक चेकपोस्ट पर राहुल को रोका गया। उसने DigiLocker खोलकर लाइसेंस और RC दिखाई। अधिकारी ने QR कोड स्कैन किया, बीमा ऑनलाइन जांचा और उसे जाने दिया।
फ़ातिमा ने mParivahan में कार का बीमा दिखाया, लेकिन वह पिछले महीने खत्म हो चुका था। डिजिटल दिखाने से कोई फायदा नहीं हुआ। बिना वैध बीमा के गाड़ी चलाने का चालान कटा।
आपको क्या करना चाहिए?
- 1DigiLocker या mParivahan में लॉग इन करें और अपना ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी की RC 'Issued Documents' में जोड़ें।
- 2देखें कि बीमा और PUC वैध हैं और ऐप में दिख रहे हैं। खत्म होने से पहले रिन्यू कराएँ।
- 3रोके जाने पर ऐप खोलकर कागज़ दिखाएँ। अधिकारी को QR कोड स्कैन करने दें।
- 4कोई कागज़ भूल गए? अधिकारी से पूछें कि बाद में कैसे दिखाएँ। नियम आमतौर पर 15 दिन के अंदर दिखाने या भेजने की छूट देते हैं।
- 5डिजिटल कागज़ वैध होने पर भी चालान कटा? ई-चालान पोर्टल पर स्क्रीनशॉट को सबूत बनाकर चुनौती दें।
अपवाद और ज़रूरी बातें
- गैलरी या WhatsApp में सेव फोटो या स्कैन शायद न माना जाए। आधिकारिक DigiLocker या mParivahan ऐप इस्तेमाल करें, जिसे पुलिस जांच सके।
- अगर कागज़ की मियाद खत्म हो चुकी है या वह नकली है, तो डिजिटल रूप से कोई फायदा नहीं। बिना लाइसेंस या बिना बीमा का जुर्माना फिर भी लगेगा।
आधिकारिक कानूनी संदर्भ
Motor Vehicles Act, 1988 — Section 130
वर्दी में पुलिस अधिकारी के मांगने पर ड्राइवर को लाइसेंस दिखाना होगा; बीमा और दूसरे कागज़ अधिकृत अधिकारियों को दिखाने होंगे।
Central Motor Vehicles Rules, 1989 — Rule 139
RC, बीमा, फिटनेस, परमिट, लाइसेंस और PUC जैसे कागज़ मांगने पर कागज़ी या इलेक्ट्रॉनिक रूप में दिखाए जा सकते हैं।
MoRTH advisory to States on DigiLocker and mParivahan documents (August 2018)
DigiLocker या mParivahan के कागज़ IT एक्ट, 2000 के तहत असली कागज़ के बराबर मान्य हैं, और राज्यों को इन्हें मानना चाहिए।
मदद कहाँ मिलेगी
स्रोत और स्थिति
- कहाँ लागू
- पूरे भारत में
- कानून लागू होने की तारीख
- 2 नव॰ 2018
- कानूनी समीक्षा
- ड्राफ्ट — वकील की समीक्षा बाकी
यह शैक्षिक जानकारी है, आपके केस के लिए कानूनी सलाह नहीं। सही तथ्य और लागू कानून मायने रखते हैं — कोई कदम उठाने से पहले वकील से बात करें।